What Is Bootstrap in Hindi, बूट्स्ट्रैप क्या है ?

What Is Bootstrap in Hindi – दोस्तों दिन-प्रतिदिन गूगल अपने update निकालता रहता है जिससे users को काफ़ी फ़ायदा होता है जैसे की responsive website.

responsive website का नाम इसलिए लिया है की पहले जितनी भी वेबसाइटें बनती थी वो सभी बिना responsive के बनती थी यानी की अगर एक website को desktop या फिर laptop पर बनाया जाता था तो उसको यूज़र सिर्फ़ desktop या फिर laptop पर देख सकते थे सही तरीक़े से, लेकिन धीरे-धीरे जैसे-जैसे समय निकलता गया वैसे-वैसे नयी-नयी क्रांति आती गयी |

क्रांति की बात करें तो आज के टाइम में लगभग सभी के पास android devices हैं ओर इनकी मदद से ही सभी काम होते हैं इसलिए users को देखते हुए search engine भी अपनीं नीतियों में बदलाव लाते गए |

search engine के बदलावों में सबसे बड़ा ओर user friendly बदलाव था की सभी वेबसाइटें responsive होनी चाहिए यानिं की सभी device friendly होनी चाहिए क्योंकि ये कभी ज़रूरी नहि है या अनिवार्य नहि है की सभी users के पास laptop ही हो, इसलिए आज के current टाइम में सभी वेबसाइटें responsive हैं ओर सभी device में अच्छे से दिखती है जिनको गूगल ओरों के मुक़ाबले में रैंक भी करता है |

जिस तरह समय के साथ search engine की नीतियों में बदलाव आए उसी प्रकार जो नए-नए framework थे या CSS में कुछ नए बदलाव किए गए |

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बूट्स्ट्रैप बनाया गया जिसके बारे में आप आगे गहराई से जानोगे इसलिए What Is Bootstrap in Hindi के इस आर्टिकल को आप शुरू से लेकर अंत तक ज़रूर पढ़ें ताकि कोई भी सवाल आपके मन में ना रहे |

What Is Bootstrap in Hindi (बूट्स्ट्रैप क्या है ) ?

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दोस्तों Bootstrap एक free ओर open source CSS का framework है जिसकी सहायता से किसी भी वेबसाइट को responsive किया जा सकता है या मोबाइल friendly किया जा सकता है |

जैसे की हमने बात कि है की Bootstrap एक CSS का framework है और इसके साथ JS को add किया गया है जिससे Bootstrap ओर भी ताकतवर बन गया है |

दोस्तों bootstrap के version की बात करें तो फ़िलहाल Bootstrap का 5.2 version चल रहा है जिसमें पहले की कमीयों को दूर किया गया है |

Bootstrap कोई special भाषा के तौर पर नहीं बनाया गया है bootstrap सिर्फ़ एक framework है जिसको CSS ओर JS की सहायता से बनाया गया है |

अगर आप bootstrap की CSS फ़ाइल को चेक करते हैं तो आप उसमें देखेंगे की सभी devices के according class बनाई गयी है जिसमें fix width सेट की गयी है ओर लगभग सभी कामों के लिए special class पर CSS की हुई होती है जिसके कारण bootstrap की website मोबाइल फ़्रेंड्ली या mobile first होती हैं |

Bootstrap के फ़ायदे

Advantages of Bootstrap – दोस्तों bootstrap को Web Design में इस्तेमाल करने के काफ़ी फ़ायदे हैं जिनके बारे में नीचे आपको गहराई से पढ़ने को मिलेगा |

आसान शुरूआत

अगर किसी इंसान को responsive website या फिर वेब डिज़ाइन का ज़्यादा ज्ञान नहि है तो उसके लिए coding करना काफ़ी मुस्किल हो जाता है लेकिन अगर bootstrap का सही तरीक़े से इस्तेमाल हो किसी website में तो फिर बड़े-बड़े काम हो सकते आसानी से हो सकते हैं बिना किसी coding किए सिर्फ़ एक class के इस्तेमाल से |

कोडिंग का अगर पूरा ज्ञान ना हो तो भी आप एक अच्छी website बना सकते हैं क्योंकि bootstrap एक पूरी website को आसानी से सम्भाल सकता है |

इसके अलावा bootstrap की शुरुआत करना ओर इसका इस्तेमाल करना आसान है, एक beginner developer भी bootstrap की शुरूवात आसानिं से कर सकता है |

Full Responsive

bootstrap को बनाने का एक ही मक़सद था जो की website को मोबाइल फ़र्स्ट बनाना ओर यह काम आज bootstrap की सहायता से आसानी से किया जाता है |

कुछ trusted blogs की एक study के अनुसार अगर हम मानें तो आज दुनिया भर में 6.4 billion smartphone के users हैं यानी की आज 80% users smartphone के हैं जो की अपनें लगभग online काम smartphone से करते हैं जिसके कारण एक website को responsive बनाना बहुत ज़रूरी काम हो जाता है और ये काम bootstrap आसानी से करता है |

Highly customisable

दोस्तों ऐसा नहिं है की bootstrap फ़िक्स है और इसको customise नहिं किया जा सकता है, bootstrap एक template दे सकता है लेकिन ये ज़रूरी नहि है की वह templete आपके project के अनुकूल हो,

अगर bootstrap का template आपके project के अनुसार नहिं है या फिर शुरू से coding करने का टाइम नहि है तो आप bootstrap की CSS को customise कर सकते हैं बड़े ही आसानी से |

User Friendly

लैंडिंग पेज बनाते time यूज़र के point of view से पेज की डिज़ाइन करना काफ़ी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि एक अच्छी डिज़ाइन यूज़र का ध्यान अपनीं ओर आकर्षित करती है जिससे काफ़ी ज़्यादा chances रहते हैं आपकी website को लाभ होनें के |

bootstrap का ये major बेनिफ़िट है की bootstrap पूरा User Friendly है जिसकी सहायता से आप अच्छे-अच्छे pages बना सकते हैं ओर किसी भी यूज़र का ध्यान अपनीं ओर खिंच सकते हैं |

Cross-browser compatibility

आज के टाइम में दिन-प्रतिदिन जनसंख्या बड़ती जा रही है ओर internet के यूज़र भी बढ़ते जा रहे हैं, और ये तो आप जानते ही हैं की सभी users एक जैसे नहि होते हैं अलग-अलग प्रकार के users हैं internet पर |

अनेक प्रकार के यूज़र हैं जिनके पास ज़रूरी नहि की एक ही डिवाइस हो, हो सकता है की किसी के पास लेपटोप है तो किसी के पास मोबाइल है किसी के पास टेबलेट है तो किसी के पास mini computer. ओर उन सभी devices में ये भी ज़रूरी नहि है की एक ही browser हो, हो सकता है की किसी के पास chrome है तो किसी के पास firefox है किसी के पास safari है तो किसी के पास opera है |

चाहे कोई भी users हो, कोई भी devices हो या फिर कोई भी browser हो bootstrap सभी device ओर सभी browsers मे अच्छे तरीक़े से काम करता है क्योंकि bootstrap को ख़ास तरीक़े से develop किया गया है ताकि कहीं भी, कभी भी, किसी को कोई परेशानी ना हो |

Bootstrap के नुक़सान

What Are the Disadvantages of Bootstrap – दोस्तों कोई भी तकनीक परफेक्ट नहीं होती है उसमें कुछ ना कुछ ख़ामियाँ ज़रूर होती है यानिं की सातों गुण आपको किसी भी चीज़ में नहीं मिलेंगे |

जिस प्रकार एक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी प्रकार एक तरफ़ लाभ है तो एक तरफ़ हानि है लेकिन हो सकता है कई बार हानी की संख्या कम ओर लाभ की संख्या ज़्यादा हो |

इन बातों से अलग, आइए अब बात करते हैं की Bootstrap के क्या-क्या नुक़सान है (What Are the Disadvantages of Bootstrap) –

  1. Bootstrap के लिए किसी भी developer को coding का ज्ञान होना ज़रूरी है, अगर किसी को कोडिंग का ज़रा भी ज्ञान नहि है तो वह bootstrap के साथ काम नहीं कर सकता | इसका बाद में एक ही उपाय है WordPress जैसा CMS platform.
  2. Bootstrap के साथ काम करने के लिए नए developer को इसे time निकालकर सिखनें की ज़रूरत पड़ती है क्योंकि Bootstrap में क्या है और कोनसी class का क्या काम है, ये सब जाननें के लिए Bootstrap के document पढनें की ज़रूरत होती है |
  3. दोस्तों bootstrap छोटी website के लिए सही उपाय नहीं है क्योंकि जितने काम के लिए आपको CSS, JS चाहिए उससे ज़्यादा CSS ओर JS आपको इसमें देखनें को मिलेगी जिनका कोई इस्तेमाल भी नहीं हुवा है आपकी website में |
  4. CSS ओर JS का कोड ज़्यादा होने के कारण पेज का साइज़ बढ़ सकता है जिसके कारण वेब पेज का लोडिंग टाइम ज़्यादा हो सकता है ओर लोडिंग टाइम ज़्यादा होने के कारण website की स्पीड कम हो सकती है जो की एक website के लिए अच्छी बात नहीं है |

दोस्तों अब आगे हम बात कर लेते हैं की Bootstrap 3 और 4 में क्या अंतर है (Bootstrap 3 and 4 difference in Hindi)

Bootstrap 4 और 5 में क्या अंतर है ?

दोस्तों bootstrap 5 में कुछ classes को remove कर दिया है ओर कुछ classes को add किया गया है तो इन सब की जानकारी आप नीचे देख सकते हैं |

Difference between Bootstrap 4 and Bootstrap 5 

BasicBOOTSTRAP 4BOOTSTRAP 5
Grid Systemइसमें 5 tier थी (xs, sm, md, lg, xl)इसमें 6 tier (xs, sm, md, lg, xl, xxl) हैं |
Colorsइसमें limited colors थे |इसमें पहले से कहीं ज़्यादा color जोड़े गए हैं |
jQueryइसमें jQuery से related plugins हैं |इसमें jQuery को हटा कर vanilla JS में switch किया गया है कुछ working plugins के साथ |
Internet Explorerयह IE 10 ओर 11 दोनों को support करता था |यह इन दोनों को support नहिं करता |
Bootstrap Iconsइसमें कोई खुद के SVG icon नहिं है, icons के लिए हमें Font Awesome का use करना पड़ता था |इसमें खुद के SVG icons हैं |
Jumbotronइसमें support करता था |इसमें support नहिं करता है |
RTL Supportइसमें RTL(Right to Left) switch नहिं होता था |इसमें RTL(Right to Left) switch होता है |

Conclusion

What Is Bootstrap in Hindi के आर्टिकल में आपनें पढ़ा की bootstrap क्या होता है (What Is Bootstrap in Hindi), advantages of Bootstrap, Disadvantages of Bootstrap आदि,

आशा करते हैं दोस्तों What Is Bootstrap in Hindi के आर्टिकल से आपकी कुछ मदद हुई होगी ओर आपने कुछ नया सिखा होगा, अगर आपने कुछ नया सिखा है तो आप What Is Bootstrap in Hindi के इस आर्टिकल को ओर भी लोगों तक पहुँचाने में हमारी मदद करें |

धन्यवाद…..

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