होस्टिंग क्या है और कैसे काम करती है (Hosting kya hai)

hosting kya hai – दोस्तों जिस तरह इंसान को अपना जीवन यापन करनें के लिए रोटी, कपड़ा ओर मकान चाहिए होता है उसी प्रकार एक website को चलानें के लिए कुछ चीजों की ज़रूरत होती है जिनमें Hosting एक महत्वपूर्ण part है |

अच्छी होस्टिंग को हम website का भाई भी कह सकते हैं क्योंकि website का पूरा वजन hosting के कंधो पर ही होता है इसलिए hosting मैं website का भाई बोलता हूँ |

दोस्तों आजकल लगभग काम ऑनलाइन हो रहे हैं जिसकी वजह से व्यापार में बढ़ोतरी हो रही है क्योंकि ऑनलाइन व्यापार से अपना व्यवसाय ज़्यादा लोगों तक पहुँचाया जा सकता है |

ज़्यादा लोगों तक व्यापार पहुँचानें के लिए हमें या तो एक website की ज़रूरत होती है या फिर किसी ऐप्लिकेशन की, व्यापार के तौर पर website ओर ऐप्लिकेशन की बात बराबर ही है |

Website या ऐप्लिकेशन को live करनें से पहले सबसे पहली ज़रूरत है एक डोमेन और होस्टिंग की क्योंकि बिना पते की website को या ऐप्लिकेशन को ढूढनें में काफ़ी दिक़्क़त का सामना करना पड़ सकता है |

बिना डोमेन नाम के एक IP address को याद रखना काफ़ी मुस्किल हो जाता है लोगों के लिए और web hosting के बिना website को दिखाया नहीं जा सकता लोगों के सामनें |

इसलिए अगर आप एक website को start कर रहे हैं या start करणें की सोच रहे हैं तो start करणें से पहले होस्टिंग के बारे में जानना बहुत ज़रूरी है, तो दोस्तों आज के आर्टिकल को आप अंत तक ज़रूर पढ़ें ताकि आपको web-hosting से related सभी सवालों के जवाब मिल जाएँ एक ही पोस्ट में |

Hosting kya hai (वेब होस्टिंग क्या है ?)

होस्टिंग एक ऑनलाइन सेवा है जो हमें website की फ़ाइल को रखनें की आज़ादी देता है | होस्टिंग company अलग-अलग हैं जिनके चार्ज भी अलग-अलग हैं |

वेब होस्टिंग का काम है किसी website की फ़ाइलों को अपनें computer में online सुरक्षित रखना, अगर सरल भाषा में बात करें तो वेब होस्टिंग एक किराए का मकान है जिसमें किराए के हिसाब से जगह मिलती है या कह सकते हैं की वेब होस्टिंग एक website के लिए किराए का मकान है |

वेब होस्टिंग कैसे काम करती है ?

दोस्तों website में अनेक फाइल्स होती है जिनकी वजह से इन्टरनेट पर हम उस website को बड़े आसानीं से देख सकते हैं, लेकिन इन फाइल्स को रखनें के लिए जगह चाहिए और वो जगह हमें किराये पर मिलती है होस्टिंग कम्पनी के सर्वर पर |

होस्टिंग कम्पनी के सर्वर पर आप अपनीं website से जुडी फाइल्स रख सकते हैं जैसे media, files, database और भी काम में आनें वाली फाइल्स |

अगर आसान भाषा में बात करें तो वेब होस्टिंग एक कम्प्यूटर ही होता है जिसके अंदर वेबसाइटों की फ़ाइलों को रखा जाता है जिसे वेब सर्वर भी कहा जाता है और इन वेब सर्वर को होस्टिंग कम्पनी manage करती है |

वेब होस्टिंग काम करती है वेब सर्वर पर जो की एक कंप्यूटर होता है |

वेब होस्टिंग की IP अलग-अलग होती है जिसके जरिये हम डोमेन में उस IP Address को लगा सकते हैं |

अब आगे और detail से बात करें तो

जब कोई user ब्राउज़र में हमारी website को सर्च करता है तो उसी समय ब्राउज़र user की request को डोमेन पर भेजता है और डोमेन उस request को वेब सर्वर पर भेजता है बाद में उस request के आधार पर वेब सर्वर हमें रिजल्ट दिखाता है |

यानीं की वेब सर्वर एक तरह से जुड़ जाता है user के साथ और ये सब काम कुछ ही सेकंड में हो जाता है |

अगर आपके website की फाइल्स कुछ सेकंड में लोड नहीं होती है तो आपको दो काम करनें की जरूरत होगी या तो आप अपनें website की स्पीड को बढ़ाएं या फिर होस्टिंग कम्पनी को बदलें क्योंकि उस website को google कभी भी रैंक नहीं करता जिसकी स्पीड कम है |

इसलिए आपके सर्वर का response टाइम कम होना बहुत जरूरी है जितना जल्दी सर्वर response देगा उतनीं ही अच्छी website की स्पीड होगी |

website की स्पीड आप google के टूल से चेक कर सकते हैं जिसका नाम है PageSpeed Insights

अब आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं की वेब होस्टिंग कितनें प्रकार की होती है |

वेब होस्टिंग के प्रकार (types of web hosting)

आज के टाइम में काफ़ी होस्टिंग कंपनियाँ हैं जो कस्टमर को एक से बढ़कर एक ऑफ़र दे रही है उनमें से कुछ होस्टिंग की detail आपको नीचे बताई गयी है |

  1. Shared Hosting
  2. WordPress Hosting
  3. VPS Hosting
  4. Dedicated Hosting
  5. Cloud Hosting

Shared Hosting

shared होस्टिंग में एक ही सर्वर पर अलग-अलग website होस्ट की जाती है जिससे खर्चा बहुत कम आता है और अच्छे तरीक़े से काम भी होता है |

Shared Hosting में कम खर्चा आनें का कारण यह है कि एक सर्वर पर अलग-अलग website चलनें के कारण होस्टिंग का खर्चा अकेले इंसान पर नहीं आता है यानी खर्चा बंट जाता है |

shared hosting के फ़ायदे भी हैं ओर नुक़सान भी है तो हम दोनों के बारे में बात कर लेते हैं |

Shared Hosting के फ़ायदे

अगर आपका एक स्टूडेंट हैं या फिर कोई नया व्यवसाय शुरू कर रहे हैं और अपनीं खुद की website बनाना चाहते हैं तो आप shared होस्टिंग की तरफ़ जा सकते हैं क्योंकि यह होस्टिंग सबसे किफ़ायती होस्टिंग में से एक है |

इसके अलावा आपको इसमें आपकी website के लिए अलग से C panel भी मिलता है जिससे आप website को control कर सकते हैं इस होस्टिंग को manage करना सबसे आसान है |

Shared Hosting के नुक़सान

दोस्तों पॉज़िटिव ओर नेगेटिव दोनों बात को ध्यान में रखकर चलना चाहिए हमेशा ताकि future में ठोकर खानें से बचा जा सके |

इसके नुक़सान भी हैं जिनकी लिस्ट आप नीचे देख सकते हैं |

  1. इसमें ज़्यादा संसाधन नहीं हैं सीमित ही संसाधन है |
  2. server का response टाइम ज़्यादा होना |
  3. ज़्यादा ट्रैफ़िक ना झेलना |
  4. website का बिच-बिच में रुकना आदि |

WordPress Hosting

WordPress Hosting सिर्फ होस्टिंग है जिसे वर्डप्रेस की performance और security को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए optimize किया गया है और इनमें एक क्लिक पर wordpress setup करणें का भी सिस्टम होता है |

  1. shared WordPress hosting
  2. managed WordPress hosting

VPS Hosting

VPS Hosting की फ़ुल फ़ॉर्म होती है Virtual Private Server और यह shared होस्टिंग की तरह ही होती है, इसमें फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है की एक यूज़र के लिए उसको अलग से सर्वर मिल जाता है जिस पर पूरा अधिकार उसका होता है |

आसान भाषा में बात करें तो Virtual Private Server में एक सर्वर से अलग-अलग वेबसाइटें होस्ट की जाती है और उन अलग-अलग वेबसाइटों के लिए अलग-अलग सर्वर दिया जाता है इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह है की अगर होस्ट की गयी वेबसाइटों में अगर किसी भी वेबसाइटों का ट्रैफ़िक ज़्यादा है तो उसका असर दूसरी website पर नहीं पड़ेगा जिससे response टाइम अच्छा रहेगा |

VPS Hosting का इस्तेमाल medium-sized की वेबसाइटों, eCommerce दुकानों या फिर बड़ी ब्लॉग वेबसाइटों के लिए किया जाता है जिसमें ट्रैफ़िक ज़्यादा आनें की सम्भावना है |

Dedicated Hosting

दोस्तों Dedicated Hosting भारी होस्टिंग होती है जिसमें काफ़ी ज़्यादा ट्रैफ़िक झेलनें की ताक़त होती है | यह होस्टिंग औरों के मुक़ाबले महँगी होती है क्योंकि इस होस्टिंग पर सिर्फ़ आपका ही राज होता है जिसका कारण यह है कि इसमें सिर्फ़ आपकी ही वेबसाइटों को होस्ट किया जाता है |

इसमें आप अलग-अलग वेबसाइटें होस्ट नहीं कर सकते हैं इसके अलावा Dedicated Hosting में सर्वर की सभी setting और permission आपके हाथ में होती है |

Dedicated Hosting का इस्तेमाल उन वेबसाइटों के लिए किया जाता है जिनमें ट्रैफ़िक भारी मात्रा में आता है |

Cloud Hosting

दोस्तों Cloud Hosting को हम सभी होस्टिंग का बाप बोल सकते हैं क्योंकि इस होस्टिंग में एक सर्वर काम नहीं करता इसमें कई सारे सर्वर काम करते हैं जिसकी वजह से अगर आपकी website में एक सर्वर में समस्या आती है तो दूसरा सर्वर उसको सम्भाल लेता है ओर website को समस्या से मुक्त करता है जिसकी वजह से website की स्पीड ओर performance में कोई परेशानीं नहीं होती है |

इस प्रकार की होस्टिंग का इस्तेमाल उन वेबसाइटों के लिए किया जाता है जिनमें ट्रैफ़िक की कोई सीमा नहीं होती है |

Conclusion

आज के आर्टिकल में आपनें पढ़ा की hosting kya hai और यह कितनें प्रकार की होती है तथा होस्टिंग कौनसी अच्छी रहती है beginners के लिए |

इसके अलावा आपनें आज ये भी पढ़ा की कैसे आप एक अच्छी वेब होस्टिंग चुन सकते हैं होस्टिंग के प्रकारों में से छाँट कर, इसलिए अगर आप अभी अपनीं website को स्टार्ट कर रहे हैं तो आपके पास मोका है होस्टिंग के बारे में जानकर लेने का |

ऊम्मीद है दोस्तों आज का आर्टिकल hosting kya hai को पढनें से आपकी कुछ सहायता हुई होगी और अगर आपकी कुछ सहायता हुई है तो इसे आपनें दोस्तों के साथ ज़रूर share करें ताकि ज्ञान की बातें आपके साथियों को भी पता चल सके |

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